विश यानी इच्छा और इच्छापूर्ति के लिए तो मैं सर्वाधिक बल आपके कर्म, भाग्य और वातावरण की अनुरूपता या सामंजस्यता पर ही दूंगा। यदि पंच तत्व अपनी सही मात्रा और दिशा में स्थापित हों तो हमारे जीवन से जुड़ी स्वास्थ्य, संतान, धन, परिवार, मित्र, रोजगार, सुख-समृद्धि आदि सभी अभिलाषाएं स्वयं पूर्ण हो जाती हैं। वास्तु की कुछ प्राचीन पुस्तकों में एक विधि का उल्लेख है जिसे आप स्वयं ही प्रयोग करके देखें। एक लाल पतंग या गुब्बारे पर अपनी मनोकामना लिखकर अपना नाम, पता, हस्ताक्षर करके पूर्णमासी की रात को हवा में काफी ऊंचाई पर जाकर उड़ा दें। जब वह आपकी आंखों से ओझल हो जाए तो घर आकर यह ध्यान करते हुए सो जाएं कि आपकी अभिलाषा आकाश के देवों के पास पहुंच गई है और वे शीघ्र ही आपकी अभिलाषा को पूर्ण करेंगे। इस प्रकार आकाश में निवास करने वाली ब्रह्मांड की प्रकाशमान ऊर्जा आपकी अभिलाषा पूर्ण करेगी, ऐसा पुराने जमाने में लोगों का विश्वास था। यह प्रयोग आज भी सटीक बैठ रहा है। लेकिन इसके लिए अपने कर्म पर विश्वास रखें।
Warning: [snuffleupagus][0.0.0.0][config][log] It seems that you are filtering on a parameter 'var_array' of the function 'extract', but the parameter does not exists. in /home/acharyaa/public_html/blog/wp-includes/template.php on line 680
Warning: [snuffleupagus][0.0.0.0][config][log] - 0 parameter's name: 'arg' in /home/acharyaa/public_html/blog/wp-includes/template.php on line 680
Warning: [snuffleupagus][0.0.0.0][config][log] - 1 parameter's name: 'extract_type' in /home/acharyaa/public_html/blog/wp-includes/template.php on line 680
Warning: [snuffleupagus][0.0.0.0][config][log] - 2 parameter's name: 'prefix' in /home/acharyaa/public_html/blog/wp-includes/template.php on line 680